True I posted it so long ago, now updating with my finding till now

प्यार कोई लफ्ज नहीं,प्यार कोई हर्फ़ नहीं,
प्यार कोई दवा नहीं, प्यार कोई मर्ज नहीं,
पापा की नज़रों में इससे बढ़कर कोई गुन्हा नहीं,
आशिक़ों से पूछो तो इससे ज्यादा कहीं मजा नहीं,
संतों की माने तो इससे पाक कोई दुवा नहीं,
गर जो सुनलो पीर एक टूटे दिल की, तो दोस्त...
इससे बढ़कर कोई सजा नहीं....
बसंत कुमार वर्मा
No comments:
Post a Comment